Amazon

Wednesday, 16 March 2016

KISSE KAHANIAN

कुछ किस्से बने कुछ कहानियां बनी ,
कुछ दिल से बने कुछ जुबानियां बनी ,
कुछ अन-चुने से बने कुछ चाह कर भी ना बने ,
कुछ ज़िन्दगी में ज़िन्दगी के हिस्से बने ,
तो कुछ महज़ नादानियां बनी।
कुछ किस्से बने कुछ कहानियां बनी।

और उन कहानियों में कुछ किरदार बने ,
कुछ नफ़रत कुछ गिले कुछ प्यार बने ,
कुछ हाथों में हाथ चलने वाले यार बने ,
कुछ चेहरे पे चेहरा डाल गद्दार बने ,
कुछ उतरे मुकम्ल मेरी उमीदों पर ,
तो कुछ बे-तवक़्क़ हैरानियाँ बनी।
कुछ किस्से बने कुछ कहानियां बनी।


( Kuch kisse bane kuch kahanian bani ,
  Kuch dil se bane kuch zubanian bani ,
  Kuch an-chune se bane kuch chaah kar b na bane,
  Kuch zindagi mein zindagi ke hisse bane ,
  To kuch mahaz nadaanian bani .
  Kuch kisse bane kuch kahanian bani  ...

  Aur un kahanion meun kuch kirdaar bane,
  Kuch nafrat kuch gile kuch pyar bane ,
  Kuch haathon mein haath chalne vale yaar bane,
  Kuch chehre pe chehra daal gadaar bane,  
  Kuch utre mukamal meri umeedon par ,
  To kuch be-tawaqq hairanian bani .
  Kuch kisse bane kuch kahanian bani ...)

1 comment:

Thanks for your valuable time and support. (Arun Badgal)